अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मिलेगी नौकरी, फूट पड़ा पीडि़ताें का दर्द

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The families of those killed in Amritsar accident will get jobs

अमृतसर। जौड़ा रेल फाटक के नजदीक डीएमयू की चपेट में आने से मारे गए लोगों के परिवारों को नगर निगम में नौकरी मिलेगी। मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू ने कहा कि शनिवार को निगम हाउस की बैठक बुलाकर बाकायदा प्रस्ताव पास करके मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। दूसरी ओर, मामले की मजिस्‍ट्रेट जांच वीरवार को शुरू हो गई। पहले दिन जालंधर डिवीजन के कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के बयान लिये तो उनका दर्द फूट पड़ा।

Amritsar Train Accident रामलीला में रावण का रोल करने वाले शख्‍स की मौत
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र्मजीत सिंह रिंटू ने निगम कार्यालय में वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नगर निगम द्वारा मृतकों के परिवारों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। यदि इनमें कोई शिक्षित न हुआ तो भी नगर निगम प्रशासन उन्हें दर्जा चार कर्मचारी के रूप में तैनात करेगा। इस घटना का दोषी जो भी है उसे किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। इसके लिए वह डिविजनल कमिश्नर व पंजाब सरकार से मांग करते हैं।

मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस हादसे के बाद लगातार अमृतसर पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया तथा ब्रह्म मोहिंदरा की ड्यूटी लगाई है कि वे मुआवजा राशि पीडि़त परिवारों तक पहुंचाएं। इस अवसर पर निगम कमिश्नर सोनाली गिरि, सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी, डिप्टी मेयर युनूस कुमार आदि उपस्थित थे।

amritsar train durghatna pic
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जौड़ा फाटक हादसे में अपनों को खो चुके लोगों का दर्द वीरवार को एक बार फिर छलक उठा। जालंधर डिवीजन के कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने रेल हादसे के संबंध में हादसे में मारे के लोगों के परिवारिक सदस्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय शुरू हुई जांच के पहले दिन 51 प्रत्यक्षदर्शियों और पीडि़तों के बयान कलमबद्ध किए गए।

amritsar train accident in dussehra festiva
amritsar train accident in dussehra festiva

इस दौरान माहौल उस समय गर्मा गया जब शिरोमणि अकाली दल (बादल) और भाजपा नेताओं ने बंद कमरे में चल रही बयान कलमबद्ध किए जाने की कार्रवाई पर एतराज जताया। उन्होंने जालंधर डिवीजनल कमिश्नर की ओर से की जा रही जांच को खारिज की। इन नेताओं ने कहा कि इसमें सरकार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश से रेल हादसे की निष्पक्ष जांच करवाए जाने की मांग की।

पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और भाजपा के पंजाब प्रधान व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने जांच अधिकारी बी पुरुषार्थ से मिलने की कोशिश की, लेकिन पुरुषार्थ ने मिलने से मना कर दिया। पुलिस बल ने उन्हें ट्रस्ट कार्यालय में प्रवेश करने से रोका तो दोनों नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ ट्रस्ट कार्यालय के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।

वीरवार को ट्रस्ट कार्यालय में भारी सुरक्षा प्रबंध किए गए और बयान देने पहुंचे लोगों को भी भारी सुरक्षा के बीच वहां लाया गया। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने ट्रस्ट कार्यालय से बाहर निकल रहे पीडि़तों और प्रत्यक्षदर्शियों से बात करनी चाही लेकिन वह बिना कुछ कहे वहां से चले गए।

Amritsar_Train_Accident_pics
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अपने काम करवाने के लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय आने वाले हर शख्स से पूछताछ की गई। लोगों से उनके काम और उस अधिकारी का नाम पूछा गया जिससे वह मिलने जा रहे थे। बहुत जरूरी होने पर ही लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी गई। ज्यादातर लोगों को तो वापस भेज दिया गया।

ट्रस्ट कार्यालय में जांच की कार्रवाई शुरू करने से पहले जांच अधिकारी बी पुरुषार्थ ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका देखा। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर कमलदीप सिंह और पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव से भी कई जानकारियां हासिल कीं और उनके बयान भी कलमबद्ध किए।

स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू ने वीरवार को रेल हादसे की पीडि़त तीन अन्य परिवारों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे। उन्होंने पीडि़त परिवारों को आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से हर परिवार की ज्यादा से ज्यादा सहायता की जाएगी। सरकार लोगों के साथ खड़ी है और यही कारण है कि सरकार द्वारा घोषित राशि जिसे देने में तीन से चार महीने का वक्त लगना था वह तीन से चार दिनों में ही जारी कर दी गई है।

सिद्धू ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीडि़तोें का सामाजिक व आर्थिक हालत पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है, जिसके तहत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर जिसे जहां लाभान्वित किया जा सकता है वहां किया जाएगा। अगर किसी के पास शैक्षणिक योग्यता नहीं भी है तो भी उसके घर का चूल्हा सम्मान के साथ जलेगा। इस प्रक्रिया में करीब एक महीने का वक्त लगेगा। अभी तक सरकार द्वारा 41 पीडि़त परिवारों को सहायता राशि दी जा चुकी है।

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