भारत की शान अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे !! उनको भाव पूर्ण श्रद्धांजलि - PM Modi News

भारत की शान अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे !! उनको भाव पूर्ण श्रद्धांजलि

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पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया. गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर नई दिल्ली के एम्स में पूर्व पीएम वाजपेयी ने अंतिम सांस ली. गुरुवार देर रात नौ बजे से उनका पार्थिव शरीर उनके आवास कृष्णा मेनन मार्ग पर रखा गया, जहां उनके अंतिम दर्शन किए

उनका पार्थिव शरीर अब भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर ले जाया जा रहा है. इसके बाद दोपहर एक बजे यहां से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक वाजपेयी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. शाम चार बजे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भारत सरकार ने सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है, इसके अलावा कई राज्य सरकारों भी सात दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों ने एक दिन की सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है.

गुरुवार रात को अटल बिहारी वाजपेयी के निवास पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांंधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेता, हर क्षेत्र की हस्तियों ने उनके अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि दी.

प्रधानमंत्री बोले-  मैंने पिता तुल्य संरक्षक खोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम को पूर्व पीएम अटल बिहारी Vajpayee को उनके घर जाकर श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा, ‘स्वर और शब्द देने वाले हम सभी के प्रेरणा स्रोत अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहे. वाजपेयी के रूप में भारतवर्ष ने अपना अनमोल, अटल रत्न खो दिया है. अटल का विराट व्यक्तित्व और उनके जाने का दुख दोनों ही शब्दों के दायरे से परे हैं. वो एक जननायक, प्रखर वक्ता, ओजस्वी कवि, पत्रकार, प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति के धनी और सबसे बढ़कर मां भारती के सच्चे सपूत थे.

दो महीने से एम्स में थे भर्ती

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी अस्वस्थता के चलते लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे. वे डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, देशवासियों ने उन्हें अंतिम बार 2015 में 27 मार्च को देखा, जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भारत माता के इस सच्चे सपूत को भारत रत्न से सम्मानित करने उनके आवास पर पहुंचे.

दो महीने पहले Vajpayee की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई. यूरिन में इन्फेक्शन के चलते 11 जून को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी और देश की अलग-अलग पार्टियों के नेता और अनेक गणमान्य हस्तियां उनका हालचाल जानने पहुंचीं. उनके समर्थक लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे, हालांकि कुदरत को शायद कुछ और मंजूर था.

अटल जैसा कोई नहीं…

अटल बिहारी वाजपेयी देश की सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा समय तक रहे. वे देश के पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे. उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा, हालांकि पहली जीत उन्हें 1957 में मिली. तब से 2009 तक वे लगातार संसदीय राजनीति में बने रहे. 1977 में वे पहली बार मंत्री बने, जबकि 1996 में वे 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री भी रहे.

हालांकि 1998 में उन्हें एक बार फिर पीएम बनने का मौका मिला. उनकी ये सरकार भी सिर्फ 13 महीने चली लेकिन इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के बहुमत वाली सरकार बनी और वाजपेयी ने पीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया. 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए.

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